नौकरीपेशा के लिए टैक्स बचाने के 10 सबसे अच्छे तरीके | Tax Saving For Salaried

 

 

वित्त वर्ष यानी financial year जैसे जैसे बीतता है टैक्स बचाने की फिक्र बढ़ती जाती है। खासकर नौकरीपेशा तबका (Salaried) जिसने TDS बचाने के चक्कर में ढेरों investment अपने Tax declaration में भर दिया है लेकिन सचमुच का निवेश करने में पिछड़ जाता है। आखिर के तीन महीने में ही tax saving actvity दिखती है क्योंकि आपकी कंपनी investment proof मांगने लगती है। अब इन्वेस्टमेंट proof देने के चक्कर में कभी-कभी आप गैर जरूरी निवेश कर देते हैं। या फिर कभी-कभी फंस जाते हैं।

 

 

 

लेकिन अगर आप शुरुआत से ही सोच-समझकर चलते हैं तो Income Tax भी ज्यादा से ज्यादा बचाया जा सकता है और टैक्स सेविंग की गलतियों को भी कम से कम किया जा सकता है। इस लेख में हमने Salaried लोगों के लिए 10 सबसे अच्छे Tax Saving Options (वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान) की जानकारी दी है। ताकि, समय रहते आप इनमें Investement कर सकें, उनके proof इकट्ठा कर सकें और कम से कम झंझट के साथ अपनी Tax Savings को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा सकें।

 

Salaried TAx Saving

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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  1. मकान किराया भुगतान पर प्राप्त करें टैक्स छूट

Tax Deduction On House Rent Payment

अगर आप salaried कर्मचारी हैं और किराए के मकान में रहते हैं तो आपके सामने Tax saving का सबसे पहला और सबसे आसान रास्ता है, मकान किराया भत्ता यानी HRA (House Rent Allowance) से टैक्स बचत। दरअसल ज्यादातर कर्मचारी Service के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं। कंपनियां या संस्थान इसके लिए अपने कर्मचारियों को House Rent Allowance देते हैं। सरकार इस HRA पर टैक्स छूट प्रदान करती है। लेकिन, यह टैक्स छूट आपको कितनी मिलेगी यह निम्नलिखित तीन तथ्यों पर निर्भर करती है—

 

कंपनी/नियोक्ता की ओर से मिली HRA की पूरी रकम

आपकी सैलरी (basic+DA) का 40% (मेट्रो शहर* में रहते हैं तो 50%)

वास्तविक किराया भुगतान – आपकी सैलरी का 10%

इन तीनों तथ्यों का हिसाब ​लगाने पर जिसमें सबसे कम ​रकम निकलेगी, उसे आप HRA से टैक्स छूट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इस छूट को पाने के लिए आपको किरायेदारी का Agreement या मकान किराए की रसीद (Receipt) भी देनी पड़ती हैं। अपने HRA पर टैक्स छूट की रकम पता करने के लिए और HRA से संबंधित नियमों व शर्तों की जानकारी के लिए आप हमारी इस पोस्ट की मदद ले सकते हैं—

 

 

 

मकान किराया भत्ता से टैक्स बचत: नियम व गणना विधि

  1. अपने या परिवार के सदस्य का जीवन बीमा करवाएं

Life Insurance For Self and Family

अपना या अपने परिवार के किसी member (पति/पत्नी, बच्चे) का जीवन बीमा करवाना भी tax saving का बढिया उपाय है। life insurance policy न सिर्फ मुश्किल समय के लिए आर्थिक सुरक्षा (financial security) देती है, बल्कि यह tax भी बचाती है। life insurance premium पर income tax act के section 80 C  के तहत टैक्स छूट मिलती है।

 

इनकम टैक्स एक्ट के section 80C के तहत कुछ tax saving schemes में पैसा लगाने पर टैक्स में छूट मिलती है।  जीवन बीमा भी इन tax saving उपायों में शामिल है। टैक्स बचाने का यह मौका हर तरह के  जीवन बीमा पर मिलता है। कार या घर के बीमा पर टैक्स छूट नहीं मिलती है।

 

जरूर पढ़ें- जीवन बीमा पॉलिसी पर टैक्स छूट

 

जीवन बीमा से हुई आमदनी पर भी टैक्स छूट

Life Insurance Income is Tax-free

और हां, अगर किसी साल के दौरान आपकी life insurance policy से किसी तरह की income होती है, तो वह भी section 10(10D) के तहत tax free होता है। उदाहरण के ​लिए life insurance policy का समय पूरा होने पर एकमुश्त रकम (lump sum amount) का भुगतान मिला हो, या फिर bonus के रूप में कुछ पैसा मिला हो। एसी सभी रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

 

नौकरीपेशा के लिए टैक्स बचाने के 10 सबसे अच्छे तरीके | Tax Saving For Salaried

 

सेक्शन 80C से टैक्स कैसे बचाएं

 

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3.अपना या परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बीमा करवाएं

Health insurance Benefit

आप अपने लिए, अपने परिवार के किसी Member (पति/पत्नी या बच्चे) के लिए या अपने माता-पिता (Parents)के लिए स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) करवाते हैं तो उस पर भी टैक्स छूट मिलती है। नए नियमों के मुताबिक Health Insurance Policy के प्रीमियम के लिए 1 लाख रुपए तक के Payment पर टैक्स छूट ली जा सकती है। यह छूट आपको Section 80 डी के तहत मिलती है।  यह आपको मिलेगी किस हिसाब से, यह भी जान लेते हैं।

 

खुद, का या परिवार के सदस्य का हेल्थ इंश्योरेंस

आपने अपने या अपने Family के किसी सदस्य (पति-पत्नी, बच्चे) के लिए Health Premium में जो भुगतान किया है, उसमें से 25 हजार रुपए तक के भुगतान पर आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। अगर आपके परिवार का कोई सदस्य (पति या पत्नी) Senior Citizen (60 वर्ष से अधिक) की कैटेगरी में है तो उसके Health Insurance Premium पर 50 हजार तक के भुगतान पर टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है।

 

माता-पिता का हेल्थ इंश्योरेंस (आश्रित हो या न हों)

इसी प्रकार आपने अपने माता या पिता का Health Insurance करवाया है तो उसके लिए premium भुगतान के लिए भी 25 हजार रुपए सालाना पर टैक्स छूट मिलती है (ध्यान दें ये छूट अपने और अपने परिवार के सदस्य के हेल्थ इंश्योरेंस से अतिरिक्त है।)। अगर माता-पिता Senior Citizen (उम्र 60 वर्ष से अधिक) हैं तो यह टैक्स छूट सालाना 50 हजार रुपए ​तक के Premium भुगतान पर मिलती है।

 

इस प्रकार से आप अधिकतम 1 लाख रुपए तक के Health Premium भुगतान पर टैक्स बचा सकते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस से टैक्स बचत को विस्तार से समझने के ​लिए पढ़ें

 

मेडिकल इंश्योरेंस से टैक्स बचत: नियम व गणना की विधि

4.ईपीएफ में ज्यादा पैसा कटवाएं (वीपीएफ के रास्ते)

Extra Contribution to EPF Account (VPF)

आप Salaried कर्मचारी हैं तो आपका EPF भी कटता होगा। यह आपकी Salary (मूल वेतन और महंगाई भत्ते) के 12 %  तक हो सकता है। इतना ही पैसा आपकी कंपनी या Employer इसमें जमा करते हैं। जो आपके हिस्से का पैसा जमा होता है, उस पर Section 80 C के तहत (1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर) आपको टैक्स छूट मिल सकती है। लेकिन अक्सर यह सालाना 1.5 लाख तक होता ही नहीं है। तो इस सीमा तक पहुंचने के लिए आप इसमें अपनी तरफ से ज्यादा पैसा भी कटवा सकते हैं। अपने आप PF में पैसा कटवाने की प्रक्रिया को VPF (स्वैच्छिक भविष्य निधि-Voluntary Provident Fund) कहते हैं।

 

EPF में तो आप 12 फीसदी से ज्यादा नहीं कटवा सकते, लेकिन VPF में आप सेलरी (मूल वेतन और महंगाई भत्ते) का 100 फीसदी तक कटवा सकते हैं। VPF का कोई अलग से अकाउंट नहीं होता, यह भी आपके EPF में ही शामिल हो जाता है। उस पर ब्याज दर और टैक्स बचत की सुविधाएं EPF की तरह ही मिलती हैं। यानी कि VPF के माध्यम से 1.5 लाख के निवेश पर आप टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।

 

Note: VPF का लाभ लेने के लिए अपने अपनी कंपनी के एचआर विभाग से संपर्क करना होगा और लिखित में बताना होगा कि आप EPF में अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का कितना प्रतिशत VPF के रूप में निवेश करना चाहते हैं।

 

  1. पीपीएफ अकाउंट खुलवाएं

Open a PPF Account

जिस तरह कर्मचारियों के लिए सरकार अनिवार्य रूप से EPF Account की सुविधा उपलब्ध कराती है। उसी प्रकार सामान्य नागरिकों (गैर कर्मचा​रियों) के लिए Bank या Post Office में पीपीएफ (Public Provident Fund) अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इसमें सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर Section 80 C के तहत टैक्स छूट मिलती है।  कर्मचारी भी इसमें चाहें तो (EPF के बावजूद) अलग से अपने नाम या अपने परिवार के सदस्यों के नाम PPF Account खुलवा सकते हैं। आप भी अपने नाम या अपनी पत्नी के नाम या अपने बच्चों के नाम (नाबालिग के लिए भी मान्य) PPF account खुलवा सकते हैं। और हर साल 1.5 लाख रुपए तक की जमा रकम पर Section 80C के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं।

 

नोट: PPF Account अगर खुलवाना ही है तो बच्चों के नाम खुलवाना बेहतर रहता है। निवेश के वर्षों (15 साल तक) के दौरान पहले तो यह आपकी टैक्स बचत में मदद करेगा ही। 15 साल बाद जब यह PPF Account मेच्योर होगा, तब बच्चों की टैक्स प्लानिंग में मदद करेगा।

 

See also: पीपीएफ अकाउंट की पूरी जानकारी

 

  1. होम लोन और इसकी ब्याज पर भी टैक्स छूट

Tax Benefits on Home loan and Its Interest

Home loan पर टैक्स छूट दो तरह से मिलती है। पहला, होमलोन की मूलराशि (Principal Amount-: वह रकम जो आपने कर्ज के रूप में ली है) दूसरा, होमलोन का ब्याज (Interest)। इनकम टैक्स एक्ट के अलग-अलग Sections के तहत दोनों (मूलधन व ब्याज) में टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है।

 

Home Loan लेने के बाद अगर आपने मकान का Possession (कब्जा) ले लिया है तो होमलोन की मूल राशि के 1.5 लाख रुपए सालाना पर आप टैक्स छूट ले सकते हैं (सेक्शन 80 सी के तहत)

Home loan की किस्त के साथ जो ब्याज आप चुकाते हैं, उसमें से 2 लाख रुपए तक  ब्याज पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं (Section 24 के तहत)

Home Loan की किस्तों के भुगतान में मूलराशि वाला हिस्सा (Principal Amount) कितना था और ब्याज (Interest) कितनी थी, यह जानने के लिए आप Bank Statement निकलवा सकते हैं। इसमें दोंनों मदों (मूलधन व ब्याज) के भुगतान के बारे में अलग-अलग जानकारी दर्ज रहती है।

 

7.बच्चों की ट्यूशन फीस पर बचाएं टैक्स

Tax Saving on Tuition Fees

आपने अपने बच्चों की Study के लिए जो स्कूल/ कॉलेज की फीस चुकाते हैं उसमें Tution Fee के हिस्से पर आप टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। यह छूट आपको ज्यादा से ज्यादा दो बच्चों की Tution Fee पर और मान्यता प्राप्त (Recognised) संस्था में पढ़ाई पर ही मिलती है।

 

इस छूट को पाने के लिए आपको संस्था की ओर से Admission प्रमाण व फीस की रसीदें पेश करनी पड़ती हैं। Income tax act के सेक्शन 80 सी के तहत आपको यह सुविधा मिलती है, जिसमें कुछ तय विकल्पों में 1.5 लाख रुपए तक Investment पर टैक्स छूट मिलती है।

 

  1. अवकाश यात्रा भत्ता (एलटीए) पर बचाएं टैक्स

Save Tax On Leave Travel Allowance

कंपनियां या Employers अपने कर्मचारियों को व उनके ​परिवार को छुटि्टयों में घूमने के लिए अवकाश यात्रा भत्ता (leave Travel Allowance-LTA) प्रदान करते हैं। सरकार इस पर सेक्शन 10(5) के तहत टैक्स छूट देती है। लेकिन, ध्यान रखें यह छूट सिर्फ सफर के खर्च (Travelling Expense) पर मिलती हैंं। सफर के दौरान अन्य प्रकार के खर्चों (food, shopping वगैरह) पर नहीं।

 

इसे पाने के लिए आपको सफर के खर्चों (Travelling Expense) की सभी रसीदें भी नियोक्ता के पास जमा करनी होती हैं। हर 4 साल के ब्लॉक में सिर्फ 2 यात्राओं पर ही ये टैक्स छूट मिलती है। नया ब्लॉक 2018 से 2021 तक का है। इसमें सिर्फ देश के अंदर यात्रा खर्च (domestic travel) को ही शामिल कर सकते है।

 

  1. ड्राइवर अलाउंस, ड्रेस अलाउंस वगैरह के बिल

Driver Allowance, Dress Allowance etc

आप जिस कंपनी में काम करते हैं, अगर कंपनी के कामों के लिए आपको lease पर गाड़ी (कार वगैरह) मिली है, तो उसके खर्च को Maintain करने के लिए जो Allowance आपको मिलता है, उस पर भी टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है। इस Allowance में कार के लिए पेट्रोल या डीजल, उसका रखरखाव और driver की सैलरी भी शामिल होती है।

 

इसी प्रकार अगर आपकी कंपनी की तरफ से कोई Uniform निर्धारित है और कंपनी की तरफ से Uniform  खरीदने के लिए Allowance मिलता है तो इस पर भी टैक्स छूट मिलती है। इसी प्रकार Telephone bill, Internet Bill वगैरह के खर्चों के लिए मिले allowance होते हैं। ऐसे सभी Allowance पर Income Tax Act के Section 10 के सब सेक्शन 14(i) के तहत टैक्स छूट मिलती है। इन छूटों को पाने के लिए आपको कंपनी को केवल बिल Submit करने होते हैं।

 

  1. टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड (ईएलएसएस) में करें निवेश

Invest In Equity Linked Saving Scheme (ELSS)

अगर आप टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स यानी Equity Linked Saving Scheme में पैसा लगाते हैं, तो उस पर section 80 के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट मिल सकती है। (Section 80 सी के तहत)। ध्यान दें ELSS में निवेश पर तीन साल का Lock In Period होता है। यानी कि तीन साल के पहले आप इनमें से पैसा नहीं निकाल सकते। अगर ऐसा करते हैं तो आपको टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

 

ELSS में निवेश व टैक्स बचत की विस्तार से जानकारी के लिए देखें हमारी पोस्ट— टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड  और बेस्ट ELSS फंड्स

 

इस लेख में आपने जाना ​कि Salaried TaxPayers के लिए टैक्स बचाने के 10 आसान और उपयोगी विकल्प क्या हो सकते हैं। इन विकल्पों पर फाइनल करने से पहले आप टैक्स सेविंग के एहतियात को जरूर पढ़ें। इसके अलावा अगर आप पहली बार टैक्स भरने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए इनकम टैक्स स्लैब को जान लेना अच्छा रहेगा। साथ ही बेहतर होगा कि आप टैक्स की गणना भी पहले से कर लें। और हां वित्त वर्ष खत्म होने के बाद इनकम टैक्स का रिटर्न भरना ना भूलें।

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