What is Generation of Computer?

कम्प्युटर की पिढियाँ पूरी जानकारी हिंदी में

अंतिम सुधार October 2, 2018 TP Staff द्वारा

 

 

 

Computer अपने जन्म से लेकर आज तक विकास कर रहा हैं. इस दौरान कम्प्युटर वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) से निकलर Artificial Intelligence तक आ पहुँचा हैं. और वह कमरे को छोडकर हाथ में आ बैठा हैं. यह उन्नति उसने पिछले 70-80 सालों में पाई हैं.

 

कम्प्युटर की इस विकास अवधि को Computer Generations (in Hindi) कहा जाता हैं. जैसे-जैसे कम्प्युटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में बदलाव आता गया. उसी के अनुसार Computer Generations का निर्धारण कर दिया गया. अब तक कम्प्युटर की 5 पीढियाँ – 5 Generations of Computer in Hindi, निर्धारित की जा चुकी हैं.

 

All Computer Generations in Hindi

कम्प्युटर का विकास: पीढि दर पीढि

इस Lesson में हम आपको Computer Generations की पूरी जानकारी देंगे. और साथ में प्रत्येक पीढि के कम्प्युटर की विशेषताओं और कुछ कम्प्युटरों के नाम भी बतायेंग़े.

 

कम्प्युटर की प्रथम पीढि – First Generations of Computer in Hindi

कम्प्युटर कि प्रथम पीढि की शुरुआत सन 1946 से मानी गई हैं. क्योंकि इस समय दो महान लोग J.P. Eckert तथा J.W. Mauchy नें वैक्यूम ट्यूब पर आधारित पहला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाया था. Vacuum Tube का आविष्कार सन 1904 में John Ambrose Fleming ने किया था. प्रथम पीढि के कम्प्युटरों में इसी वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था.

 

 

 

Punch Cards, Paper Tap तथा Magnetic Tap को इनपुट डिवाइस एवं आउटपुट डिवाइस के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. प्रथम पीढि कम्प्युटरों में मशीनी भाषा (Machine Language) का इस्तेमाल प्रोग्रामिंग भाषा (Programming Language) के रूप में होता था. और Magnetic Drums का उपयोग Memory के लिए किया जाता था.

 

प्रथम पीढि कम्प्युटर की विशेषताएं

वैक्यूम ट्यूब पर आधारित

भंडारण के लिए मैग्नेटिक ड्रम्स का इस्तेमाल

पंच कार्डों इनपुट एवं आउटपुट के लिए प्रयोग

आकार बहुत बडा और वजनी

मशीनी भाषा का प्रयोग

AC की जरूरत

बहुत महेंगे और विश्वसनीय नहीं

लगातार रखरखाव की जरूरत

प्रथम पीढि के कुछ कम्प्युटरों के नाम

ENIAC – Electronic Numeric Integrated and Calculator

EDVAC

UNIVAC

IBM-701

IBM-650

कम्प्युटर की दूसरी पीढि – Second Generations of Computer in Hindi

कम्प्युटर की द्वितीय पीढि की समयावधि 1956-63 मानी गई हैं. इस पीढि के कम्प्युटरों में वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर (Transistor) का प्रयोग हुआ. Transistor का आविष्कार सन 1947 में William Shockely ने किया था.

 

अब कम्प्युटरों में Primary एवं Secondary Memory का इस्तेमाल होने लगा. और वे Assembly एवं High-Level Programming Language को सपोर्ट करने लगे. तथा उनमे Multi-Programming Operating Systems का प्रयोग होने लगा था.

 

दूसरी पीढि के कम्प्युटर की विशेषताएँ

Transistor पर आधारित

मैमोरी के लिए Magnetic Core और Tap का इस्तेमाल

FORTON, COBOL भाषाओं का इस्तेमाल

आकार अभी भी बडा और वजनी

Cooling के लिए AC की जरूरत

कार्य-विशेष के लिए उपयोग

Processing Speed में बढोतरी

प्रथम पीढि के मुकाबले कम ऊर्जा की जरूरत

दूसरी पीढि के कुछ कम्प्युटरों के नाम

Honeywell 400

IBM 7094

CDC 1604

CDC 3000 Series

UNIVAC 1108

IBM 1400 Series

MARK III

कम्प्युटर की तीसरी पीढि – Fourth Generations of Computer in Hindi

कम्प्युटरों की तीसरी पीढि की समयावधि 1964-71 मानी गई हैं. इस पीढि के कम्प्युटर IC – Integrated Circuit पर आधारित थे. IC का आविष्कार एक इंजिनियर Jack Kilby ने किया था. एक अकेली IC में बहुत सारे Transistors, Resistors, Capacitors समाहित थे.

 

IC के आविष्कार ने कम्प्युटरों का आकार बहुत छोटा कर दिया. अब इन्हे एक जगह से दूसरी जगह पर आराम से पहुँचा सकते थे. और Multi-Programming OS एवं High-Level Programming Languages के इस्तेमाल में और सुधार हुआ.

 

तीसरी पीढि के कम्प्युटर की विशेषताएँ

IC पर आधारित

आकार में छोटे और कम वजनी

अधिक भरोसेमंद और खर्चीले

रखरखाव में कमी

BASIC, COBOL, FORTON, PASCAL, ALGOL का इस्तेमाल

ऊर्जा की कम खपत पर AC की जरूरत

Mouse और Keyboard का इस्तेमाल

प्रोसेसिंग़ अन्य पीढियों के मुकाबले तेज

General Purpose के लिए इस्तेमाल संभव हुआ

कार्यक्षमाता में बढोतरी

तीसरी पीढी के कुछ कम्प्युटरों के नाम

PDP-8

PDP-11

ICL 2900

IBM 360 Series

Honeywell 6000 Series

TDC-B16

कम्प्युटर की चौथी पीढि – Fourth Generations of Computer in Hindi

कम्प्युटर की चौथी पीढि की शुरुआत 1971 से मानी गई हैं. और 1980 तक का समय चौथी पीढि के लिए माना गया हैं. इस दौरान IC को और अधिक विकसित किया गया इस समय की ICs में लगभग 5000 Transistors आ सकते थे. और इसकी कार्यक्षमाता 3,00,00 ट्राजिस्ट्रों के बराबर थी.

 

इन ICs को VLSI – Very Large Scale Integrated Circuit कहा जाता था. इस तकनीक ने Microcomputer की नींव पढी क्योंकि इस समय Micro Processors इस्तेमाल होने लगे थे. यह समय कम्प्युटर क्रांति लेकर आया और कम्प्युटर आम इंसान तक पहुँचा.

 

चौथी पीढि के कम्प्युटर Microprocessor पर चलते है. और इस समय GUI- Graphical User Interface का विकास हुआ. और Windows, Mac OS का निर्माण हुआ. इसी समय में Microsoft और Apple जैसी कंपनियों की शुरुआत हुई. और आज ये वर्तमान हैं.

 

चौथी पीढी के कम्प्युटर की विशेषताएँ

VLSI Based Microprocessors पर आधारित

GUI Based OS का इस्तेमाल

अधिक तेज, भरोसेमंद और शुद्ध

आकार में बहुत छोटे और हल्के

इंटरनेट का इस्तेमाल

आम इंसान तक पहुँच

AC की जरूरत नही Fan का इस्तेमाल

C, C++, .net जैसी भाषाओं का इस्तेमाल

कम खर्चीले

चौथी पीढि के कुछ कम्प्युटरों के नाम

IBM 4341

DEC 10

STAR 1000

PUP 11

Macintosh

PCs

कम्प्युटर की पांचवी पीढि – Fifth Generations of Computer

आप जिस डिवाइस पर इस Lesson को पढ रहे हैं. वह पांचवी पीढि का कम्प्युटर हैं. पांचवी पीढि की समयावधि 1980 से आजतक मानी गई हैं. इस कालखंड में कम्प्युटरों में ULSI – Ultra Large Scale Integrated Circuit Based Microprocessors का इस्तेमाल होने लगा. जिससे ये बहुत तेज और छोटे हो गए है. क्योंकि एक ULSI Based Microprocessor में एक करोड इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेट आ सकते हैं.

 

पांचवी पीढि के कम्प्युटरों को हम इंसानों की तरह सोचने लायक बनाया जा रहा हैं. जिसके लिए Artificial Intelligence, Internet of Things, Robotics आदि तकनीकों का लगातार विकास और प्रयोग किया जा रहा हैं.

 

आज के कम्प्युटर एक हाथ घडी के आकार का होता हैं और कम खर्चीला भी हैं. जिसे लगभग हर इंसान खरीद सकता हैं. आज कम्प्युटर दुनिया के हर इंसान तक किसी ने किसी रूप में पहुँच चुका हैं.

 

पांचवी पीढि के कम्प्युटर की विशेषताएँ

ULSI Based Microprocessor पर आधारित

हल्के, सस्ते, भरोसेमंद और तेज

अधिक शुद्ध, इस्तेमाल में आसान

GUI आधारित OS का इस्तेमाल

Multimedia, Touchscreen, Web, Voice Control का प्रयोग

ना के बराबर रखरखाव

ऊर्जा का कम इस्तेमाल

C, C++, Java, .net, ASP का इस्तेमाल

कृत्रिम बुद्धि का विकास

Internet of Things का विकास

पांचवी पीढि के कुछ कम्प्युटरों के नाम

Desktop PCs

Macbooks

Laptops

Notebooks

Ultrabooks

Chromebooks

iPhone

iWatch

आपने क्या सीखा?

इस Lesson में हमने आपको Computer Generations की पूरी जानकारी दी हैं. आपने जाना कि कम्प्युटर ने पहली पीढि से पांचवी पीढि तक कैसे विकास किया. हमे उम्मीद हैं कि यह Lesson आपके लिए उपयोगी साबित होगा

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